Archive | January, 2011

गन्दा है पर धंधा है ये

Posted on 19 January 2011 by Buzzword

अचानक प्याज के बढते दाम देख कर जहां सत्तारूढ़ यूपीए के हाथ पाँव फूल गए वही विपक्ष को बेठे बिठाये एक और मुद्दा मिल गया. आनन फानन में कृषि मंत्री ने घोषणा कर दी की बारिश के कारण फसल बर्बाद हो जाने से ऐसा हुआ है परन्तु कृषि मंत्री ये भूल गए की बारिश कोई आज कल में नहीं हुई हैं और अगर उनका बयान मान भी लिया जाये तो कृषि मंत्री होने के नाते उन्हें सरकार को इस बारे में पहले से विश्वास में ले कर आपात स्थिति के लिए कोई योजाना बना लेनी चाहिए थी.परन्तु चीनी तथा दूध के दाम बढ़ाने के लिए जिम्मेदार घोषणाओ की तरह इस बार भी पवार साहब ने पावर गेम खेला और गोदामो में भरी प्याज के दाम पहले बढा कर नियंत्रण करने के प्रयास करने का दावा किया गया.

आम आदमी के समझ से ये बात आज भी बाहर है की अचानक ऐसा क्या चमत्कार हुआ की प्याज के दामो में एक ही दिन में अंतर आ गया. पर बेचारा क्या जाने की गन्दा है पर धंधा है ये और इस गंदे धंधे में हमेशा आम आदमी का ही इस्तेमाल हुआ है वरना किसी नेता को चाहे वो किसी भी पार्टी को हो क्या फर्क पड़ता है की प्याज के दाम कितने बढे है और घटे है क्योंकि सदन में एक मत से वो अपना वेतन तथा अन्य सुविधाये बिना किसी बहस के पास कर बढा लेते है और वो भी पार्टियों व विचारधाराओ को परे रख कर. आम आदमी का कर के रूप में दिया योगदान अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने में कोई भी राजनीतिक दल पीछे नहीं है, बस ये सत्ता स्वार्थ है जो उन्हें समय-समय पर अलग करता है.

Comments (0)

Welcome to Buzzword India

Photos from our Flickr stream

See all photos

Advertise Here